7 ऐसी चीजे जिन्हे हम सोशल मीडिया पर कभी साझा नहीं करनी चाहिए

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Bindaas Dekh


सोशल मीडिया है लोगों के लिए सूचना का द्वार, 
लोगों को मिल रहा नित नया संसार।।
इसमें कोई शक नहीं कि आज का दौर पूरी तरह से इंटरनेट क्रांति का दौर बन चुका है और लोगों के लिए तोहफा साबित हो रहा है। हर छोटे से बड़े, जमीन से आसमान और गांवों से लेकर शहर में इसका हल्लाबोल है। अपनी हर जरूरत, हर बात और अपने काम तक सोशल मीडिया पर निर्भर होकर किए जा रहे है। सोशल मीडिया के इन बेहतरीन तोहफो में फेसबुक, ट्वीटर, इंस्टाग्राम, व्हाट्सप्प, पिंटरेस्ट, टंबूलर, गूगल प्लस और भी कई ऐसे प्लेटफॉर्म जो पूरे विश्व को एक सूत्र में पिरोते है।
यही नहीं इन प्लेटफॉर्म ने समय-समय पर अपने आपकों को साबित भी किया है, जैसे देश-विदेश में हुए चुनाव हो या फिर कोई आंदोलन। इसका एक उदहारण दिल्ली में केजरीवाल बने सीएम। ये उभरता चेहरा जिसे दिल्ली चुनाव के दौरान 80 फीसद से ज्यादा लोगों ने सोशल मीडिया के द्वारा सहयोग दिया। ये बहुत ही चौकाने वाले आकडे  माने जाते है। वही बात करे हाल ही की तो सोशल मीडिया का क्रेज इस कदर बढ रहा है कि हर शख्स राजनेता से लेकर कार्यकर्ता तक, खिलाडी से लेकर अभिनेता तक और व्यापारी से लेकर रिक्शा चालक तक सोशल मीडिया के रंग में रमा हुआ है। लोग इनके जरिए अपने विचार सबके सामने रखते है और चंद मिनटों में उनका जवाब मिल जाता है। वही यह अभिव्यक्ति का बहुत ही बढिया आधार माना जा रहा है। सात समंद पार बैठे अपने जानकारों और परिवार के सदस्यो से रूबरू कराता है। बढती जनसंख्या और संसाधनों की कमी को पूरा करने में भी इसका अच्छा खासा योगदान माना जा रहा है। लोग सोशल मीडिया के जरिये रोजगार तलाश कर अपना भविष्य बना रहे है तो वही दूसरी ओर लोग अपने हुनर को सोशल मीडिया के जरिये पेश कर व्यवसाय के अवसर तलाश रहे है।
बात करें सोशल मीडिया के दूसरे पहलु की तो लोगों को इससे बेहद अच्छे परिणाम मिल रहे है  लेकिन एक कड़वी सच्चाई यह है भी है कि कुछ लोग इसका गलत इस्तेमाल करने से भी बाज नहीं आ रहे है। एक घर में हुई लडाई-झगडे का मामला धीरे-धीरे इस कदर तूल पकड़ता है कि पहले लोगों के बीच चर्चा व गप-सप बनता है और सोशल मीडिया पर बहस का मुद्दा। कुछ एक तो ऐसे है जो इन्हे जाति-धर्म का विवाद बना लोगों के सामने पेश करते है, लोगों से राय मांगते है और यदि इनके विचार मिल जाए तो कुछ दिनों में यह आंदोलन का रूप ले लेता है। वही आज कल सोशल मीडिया पर हैकर्स ने लोगों की नाक में दम कर रखा है। वे यूजर्स द्वारा सोशल मीडिया पर दी जानकारी का गलत इस्तेमाल कर रहे है। हैकर्स के बढते मामलों को लेकर सोशल मीडिया से जुडे संस्थापक अपने यूजर्स को सर्तक रहने की सलाह दे रहे है।
विशेषज्ञों का मानना है सात ऐसी चीजे जिन्हे हम सोशल मीडिया पर कभी साझा नहीं करनी चाहिए, जैसे-जन्म तिथि, आवास, फोन नंबर, निजी तस्वीर व बातें, आवश्यक योजनाएं, आपकी नौकरी और पासवर्ड। इनके अलावा भी बहुत सी ऐसी बाते है जो हमें खतरे का संदेश देती है बस जरूरत इन हैकर्स से सर्तक रहने की।
जन्म तिथि : अक्सर सोशल मीडिया से जुडने के लिए कुछ नियमों का पालन करना पड़ता है और लोग अक्सर उनका पालन भी करते है लेकिन सही मायने में यह जानकारी सोशल मीडिया पर उपलब्ध कराना कितना खतरनाक हो सकता है इसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता। जानकारी चाहे सही भी न हो, तो भी यह हैकर्स के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है।
आवास: वही बाते करें आवास की तो यूजर अक्सर अपने रहने की जगह या पास-पास की किसी प्रसिद्ध जगह की जानकारी देते है। उन्हे लगता है आस-पास की आबादी में किसी एक की जानकारी निकाल पाना बहुत ही कठिन है लेकिन बदलते समय में अब यह आम बात हो गई है। अब चंद मिनटों में लोग किसी भी जानकारी आसानी से निकाल सकते है और आपका पीछा कर आपके घर पर दस्तक दे सकता है।
फोन नंबर : फोन नंबर, यानी लोगों की सबसे पहली जरूरत फोन और इससे किसी के बारे में बहुत की आसानी से पता लगाया जा सकता है कौन है कहां रहता है आरै अन्य सभी जानकारियां। विशेषज्ञों का मामना है फोन नंबर के जरिये किसी भी शख्स की जानकारी जन्मकुंडली का पता लगा पाना आसान काम है। इसलिए सोशल मीडिया पर फोन नंबर उपलब्ध कराना खतरे से खाली नहीं होता है।
निजी तस्वीरें व बातें : सोशल मीडिया पर कभी भी निजी तस्वीरे व बातें शेयर खतरनाक हो सकता है। हो सकता है कोई अंजान शख्स इन तस्वीरों व बातों के जरिये आपकी निजी जिंदगी में आ जाए और किसी वाददात को अंजाम दे जाए जिसका आप अंदाजा तक नहीं लगा सकते। ज्यादातर हैकर्स इन बातों को जरिया बना अपना मतलब निकालते है और लोगों को जिंदगी से खेलते है।
आवश्यक योजनाएं : अक्सर हम सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों के बीच अपनी आज कल के दौरान किए जाने वाले कामों को लेकर चर्चा करते है और उसके विचारों को जानने की कोशिश करते है लेकिन हमें यह पता नहीं होता कि कोई ऐसा भी है जो हमारी गतिविधियों पर नजर रखे हुए है और समय आने पर उसका गलत फायदा उठा सकता है।
नौकरी व व्यवसाय : अक्सर नौकरी पेशा व व्यवसायी अपने काम को लेकर उत्साहित करते है और किसी से भी इस बारे में बात करने से हिचकिचाते नहीं है। लोगों ने मिलने जुलने के समय न होने के वजह से ये ज्यादातर सोशल साइट्स पर सक्रिय देखे जा सकते है। ये बेझिझक अपने काम की जानकारी दे देते और हैकर्स का शिकार बनते है।
पासवर्ड : सबसे अहम बात हमें कभी भी अपने सोशल साइट से फेसबुक, मेल, ट्वीटर व अन्य संसाधनों की जानकारी व पासवर्ड किसी को भी नहीं देना चाहिए। क्या पता आपका अपना या कोई अनजान शख्स इसका फायदा उठा ले और आपको नुक्सान पहुंचा दे। पासवर्ड शेयर किसी शख्स के लिए खतरनाक साबित हो सकता है और इसके परिणाम का अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता।
लोगों का मानना है कि सोशल साईटों पर दी गई इस तरह की जानकारियां ज्यादातर गलत होती है लेकिन ऐसा नहीं है। अखबारों व न्यूज चैनलों में सोशल मीडियों से जुडी इस तरह की कई वारदातों का खुलासा हुआ है और परिणाम जेल तक पहुंचा है। यूजर्स को सोशल मीडियों पर सहजता के साथ-साथ सर्तक रहने भी बेहद जरूरत है।

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